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"मैं मुस्कुराता रहा "

"मैं मुस्कुराता रहा " 

आज उसी जगह बैठ कर
अपने दिल को कितना समझाता रहा।
फिर तेरी हर याद को याद करके
नम आँखों से मुस्कुराता रहा। 
उन फूल कलियों ने पूछा मुझसे
यूँ मुस्कुराने का सबब,
'बहुत खुश हूँ यार ' उन सबको
यही बताता रहा।
मैं जानता था के वो जानते है
मेरे दिल का हाल
वो भी चुप रहे और मैं भी छुपाता रहा।
आदतन उतना ही वक़्त गुज़ारा
उनके साथ मैंने,
फिर कह के अलविदा उनको
अपनी राहों पे जाता रहा।
पूरी राह बस यूँ ही मुस्कुराता रहा...

आरज़ू -ए- अर्जुन

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